छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्यभर में बेसहारा और आवारा गोवंश की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए गौधाम योजना लागू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत चरवाहा और गोसेवक के पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को प्रतिमाह 10,000 से 15,000 रुपये तक का वेतन दिया जाएगा।
योजना का उद्देश्य
गौधाम योजना का मुख्य लक्ष्य सड़कों पर घूम रहे, बेसहारा और घायल गोवंश को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना है। साथ ही, नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान जैसी सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
वेतन संरचना
- चरवाहा: ₹10,916 प्रति माह (लगभग ₹1,30,902 वार्षिक)
- गोसेवक: ₹13,126 प्रति माह (लगभग ₹1,57,512 वार्षिक)
सरकार समय-समय पर वेतन वृद्धि भी करेगी।
गौधाम में कार्य
- बेसहारा और घायल गायों की देखभाल
- चारा-पानी की व्यवस्था और सफाई
- कृत्रिम गर्भाधान व नस्ल सुधार कार्य
- गो-उत्पाद (गोबर, गौमूत्र आदि) का उपयोग बढ़ाना
- गौधाम की रैंकिंग बनाए रखने के लिए स्वच्छता और बेहतर प्रबंधन
पहला चरण
पहले चरण में, गौधाम राष्ट्रीय राजमार्ग (N.H.) के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे।
- प्रत्येक गौधाम में 200 गाय रखी जाएंगी।
- शेड, चारा, पानी और अन्य सुविधाओं की पूरी व्यवस्था होगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
- स्थानीय पंजीकृत गोशाला समिति
- यदि गोशाला समिति इच्छुक न हो तो—
- एनजीओ
- ट्रस्ट
- फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी
- सहकारी समिति
सरकारी अनुदान
- दूसरे वर्ष: ₹20 प्रति दिन प्रति पशु
- तीसरे वर्ष: ₹30 प्रति दिन प्रति पशु
- चौथे वर्ष: ₹35 प्रति दिन प्रति पशु
आवेदन और चयन प्रक्रिया
आवेदन की प्रक्रिया, पात्रता और चयन मानदंड के लिए इच्छुक आवेदक जिला प्रशासन अथवा छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना देखें।